Follow by Email

Thursday, 8 December 2016

कहने दे आज मुझे!

कहने दे आज मुझे,
जाने से, यादों मे तू  ज़िंदा,
आने से, साँस रुक से जाए,
यादों से, ये जान आज भी फिदा ...

ना खबर, तुझे है खबर तो बता , 
क्या ठिकाने, यह सफ़र का पता,
होश आए बार बार, जग को क्या पता ,
उस नज़रसे लापता, इस नज़र की पता ई

रचना : प्रशांत 

No comments:

Post a Comment