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Tuesday, 4 October 2016

आज जीने दे!



आज जीने दे
इस रात को जीनेदे
इस ख्वाब को ज़ीनेदे
इस राज़ को ज़ीनेदे
आज ज़ीनेदे


आज ज़ीनेदे,
उस रात को ज़ीनेदे,
उस ख्वाबो को ज़ीनेदे,
उस राज़ को ज़ीनेदे,
आज ज़ीनेदे I 

आज ज़ीनेदे,
जल जल जीने दे,
बस तू ज़ीनेदे,
रात एक ज़ीनेदे,
पीनेदे बहजाने दे ,
तेरे साथ जीनेदे,
तेरे ख्वाब आनेदे,
बस आज ज़ीनेदे I 

रचना : प्रशांत 

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