Follow by Email

Tuesday, 2 December 2014

दिल दीवाना...

दिल की तमन्ना ये,
बदले में दिल तो दे I 
साकी को आने दे,
बादल बरसने दे I 

फिर आज ज़ीने दे,
महफ़िल को सजने दे ,
गिरने संभालने दे,
खुदसे तू मिलने दे I 

पैमाने तू भरने दे, 
यादों को रंगने दे ,
दिल आज खोने दे,
मुझको ठहरने दे ,
कुछ आज करने दे I 

पिंजरेसे उड़ने दे, 
थोडिसी जूड़ने दे,
जीने दे मरने दे,
मरने दे जीने दे I 

दिल को बहलने दे,
दिल को संभाल ने दे,
दिल को क्या समझना,
दिल तो है दीवाना,
दिल दीवाना...
###
रचना : प्रशांत 

No comments:

Post a Comment