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Friday, 16 September 2016

एक शराबी से सवाल!



एक कतरा मे खुदा दिखे,
एक कतरा से खुदा बने,
मुहब्बत वो बाँटता जाए, 
प्यासा, तरसा खुद रह जाए I

सवाल उनसे खुदा करे, 
आ किस्मत बदल प्यारे,
सब पे मरे , सब से हारे,
ईन्तेकाम हम मुक़दार करे I 

तारीख तू माँग भाई शराबी, 
खुदा बरकत करना चाहे,
आपनी मौत तू जिले,मांगले,
मेरे जन्नत यू क़बूल करले I 

यह कहने भगबान, 
मैकदे आए , देखे, घबराए,
शराबी जन्नत साथ ले आए ,
प्याले की कमी से ,
कितने मौत वो माँगे,
प्याला भरा छूट जाए,
कितने मौत वो गले लगाए,
मंदिर माने वोही दफ़न होना चाहे I 

रचना : प्रशांत 

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